Short Story of Struggle | असफलताओं की लंबी रात्रि के बाद होता है सफलता का सूर्योदय
जीवन में सफल होने की मंशा हर कोई अपने मन में पाले हुए है, मगर यह ऐसा नायाब उपहार है, जो सभी को नहीं मिलता । इसके हकदार तो सिर्फ वे लोग ही होते हैं, जिनके सिर पर कुछ कर गुजरने का जुनून होता है या फिर वे जो समाज में अपनी एक अलग पहचान बनाने के लिए आतुर होते हैं ।
आज के तकनीकी युग में युवा वर्ग जीवन में सफलता की सीढ़ी चढ़ने के लिए लालायित है, लेकिन थोड़ा-सा परिश्रम या फिर कड़ी मेहनत (Hardwork) के बावजूद नकारात्मक परिणाम उन्हें पूरी तरह से निराश कर देता है ।
यही वक्त मानव जीवन का अहम मोड़ होता है, क्योंकि ऐसे समय पर जो व्यक्ति हिम्मत हार कर असफलता को अपनी किस्मत मान लेता है, वे जिंदगी भर सिर्फ दूसरों की सफलता का दर्शक मात्र बन कर रह जाता हैं ।अगर अपनी कमियों एवं खामियों को दूर कर सही दिशा में मेहनत करने का मार्ग चुनने और उस पर चलने वाले ही सफलता (Success) हासिल करते हैं ।
हालांकि ऐसे लोगों की सफलता की इबारत के पीछे कई बार मुंह की खाने (हार) वाली कहानी भी छिपी होती है, क्योंकि जीवन में मिलने वाली अनेक विफलताएं ही व्यक्ति की सफलता का आधार रखती हैं ।
बस शर्त इतनी है कि व्यक्ति अपनी विफलताओं से सबक ले और दोगुनी ऊर्जा के साथ निर्धारित लक्ष्य (Goal)की ओर बढ़े। ऐसे लोगों के लिए एक शायर ने क्या खूब कहा है कि
"मंजिल उनको मिलती है, जिनके सपनों में जान होती है,
सिर्फ पंखों से कुछ नहीं होता, हौसलों में उड़ान होती हैं ।"
सिर्फ पंखों से कुछ नहीं होता, हौसलों में उड़ान होती हैं ।"
अर्थात दृढ़ संकल्प और प्रबल इच्छाशक्ति (Willpower) से मंजिल पाने का सफर निरंतर तय करने वालों के सफलता कदम जरूर चूमती है ।
आज के युवा वर्ग को यह बात हमेशा अपने जेहन में रखनी चाहिए कि सफलता के आयाम स्थापित करने वाला व्यक्ति कोई भी हो, हम सब को केवल उसकी सफलता नजर आती है, मगर उसके पीछे का कड़ा परिश्रम, लक्ष्य पाने का जुनून और इच्छाओं का त्याग नहीं दिखाई देता ।
समाज में अनेक ऐसे उदाहरण (Successful People) है, जिन्हें आज का युवा वर्ग अपना आदर्श मानता है, मगर उनके सफल होने से पहले का संघर्षपूर्ण जीवन जानने तक की कोशिश नहीं की जाती । हां लोगों को नजर आती है, तो सिर्फ उनकी सफलता (Success) ।
कोई माने या फिर न माने, यह सच्चाई है कि हर सफल व्यक्ति का जीवन कभी न कभी संघर्षपूर्ण रहता है । हम इस बात से भी इंकार नहीं कर सकते कि जिंदगी का दूसरा नाम संघर्ष (Struggle) है ।
इसलिए आज के युवा वर्ग को यह बात समझनी होगी कि संघर्ष (Struggle), सही दिशा में की गई कड़ी मेहनत, विपरीत परिस्थितियों एवं असफलताओं की लंबी रात के बाद ही सफलता का सूर्योदय होता है ।
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